/कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति पर गंभीर आरोप लगा राज्यपाल से जाँच की माँग करी।

कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति पर गंभीर आरोप लगा राज्यपाल से जाँच की माँग करी।

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देहरादून: आम आदमी पार्टी के नेता रविंद्र जुगराण ने कुमाऊं यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर एनके जोशी की नियुक्ति अहर्ता पर सवाल उठाते हुए उनकी नियुक्ति के समय यूनिवर्सिटी के कुलपति के लिए वांछित योग्यता पूरी नहीं होने की बात कही है।

जुगरान ने राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को लिखे पत्र में कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा तय किए गए मानकों के अनुसार किसी भी यूनिवर्सिटी के कुलपति के लिए किसी भी सरकारी विश्वविद्यालय में 10 वर्षों से अधिक समय तक प्रोफेसर के रूप में कार्य करने का अनुभव होना चाहिए ।

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का यह मानक सरकार के शासनादेश के बराबर होता है अतः किसी भी विश्वविद्यालय के लिए कुलपति की वांछित योग्यता के लिए प्रार्थी को विश्वविद्यालय में 10 वर्षों से अधिक समय तक प्रोफेसर के रूप में कार्य करने का अनुभव होना चाहिए।
फैंसी 10 वर्षों तक यूनिवर्सिटी विभिन्न यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के रूप में कार्य नहीं किया है वह 3 विश्वविद्यालयों में काम करने के अलावा एक निजी संस्थान मैं कुछ समय के लिए कार्य कर चुके हैं जो कि उनकी यूनिवर्सिटी के कुलपति के लिए पूरी अहर्ता नही है। इसलिए उन्होंने राज्यपाल से उनके पत्रों की जांच करने की मांग की है।

प्रो. एनके जोशी मूलतः अल्मोड़ा के रहने वाले हैं। उन्होंने नैनीताल के डीएसबी परिसर से 1981 में फिजिक्स से एमएससी की थी। 35 सालों से एजुकेशन फील्ड में एक्टिव प्रो. जोशी बोस्टन एमआईटी के स्टूडेंट रहे हैं। वे उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर बनने से पहले इसी विश्वविद्यालय में डीन थे।